भारत को आज़ाद हुए कुछ ही समय हुआ था। जिले और राज्यों की सीमाएँ धीरे धीरे बन रही थी। प्रतापगढ़ के एक छोटे से क़सबे में प्राथमिक स्कूल के एक शिक्षक मास्टर हरिसिंह रहते थे। सभी गावों में स्कूल ना होने के कारण आसपास के गावों से बच्चे उनके स्कूल में पढ़ने आते थे। मास्टरजी थोड़े कड़क थे और बच्चों को हमेशा अनुशासन में रखते थे। प्रतापगढ़ में मास्टर जी की काफ़ी इज़्ज़त थी। उन्हें अंग्रेज़ी , हिंदी और उर्दू तीनों भाषाओं का ज्ञान था। आसपास के गाँव के कुछ पढ़े लिखे प्रतिष्ठित लोग मास्टर जी के मित्र थे। पास के गाँव में ठाकुर का लड़का बलदेव जो जिले के कॉलेज में पढ़ता था उससे तो मास्टर जी की ख़ूब बनती थी। मास्टर जी की पत्नी उन दिनों गर्भवती थी और अपने पिता के घर किशनपुर में गयी हुई थी। मास्टर जी इधर प्रतापगढ़ में ही थे। पत्नी को नौवाँ महीना लग चुका था तो वो रोज़ तार से आने वाली ख़ुश ख़बरी का इंतज़ार कर रहे थे। जैसे ...
Posts
Showing posts from June, 2018